“अगर कुछ समझ नहीं आ रहा, तो करंट दे दो…” — देवर के प्यार में अंधी महिला ने पति को मारा, पढ़िए दिल दहला देने वाली ख़बर!

तारीख: 12 जुलाई की रात
एक खौफनाक साजिश, जो रोंगटे खड़े कर दे
रिश्तों की बुनियाद होती है भरोसा। लेकिन जब यही भरोसा दगाबाजी और नफरत में बदल जाए, तब अंजाम ऐसा होता है कि इंसानियत भी शर्मिंदा हो जाए।
एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने अपने देवर के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची, और उसे तड़पा-तड़पा कर मारा।
इंस्टाग्राम चैट से खुली साजिश की परतें
12 जुलाई की रात को महिला ने अपने पति करण के खाने में 15 नींद की गोलियां मिला दीं। लेकिन जब तीन घंटे बाद भी असर नहीं हुआ, तो वो घबरा गई। उसने देवर राहुल को इंस्टाग्राम पर मैसेज किया।
वायरल चैट, जिससे खुला कातिल इरादा:
🗨️ सुष्मिता: “देखो दवा खाकर मरने में कितना टाइम लगता है, तीन घंटे हो गए, न उल्टी हो रही है, न पॉटी, कुछ नहीं। मरा भी नहीं है।”
🗨️ राहुल: “अगर कुछ और समझ नहीं आ रहा, तो करंट दे दो।”
🗨️ सुष्मिता: “कैसे बांधू उसे करंट देने के लिए?”
🗨️ राहुल: “टेप से बांधो।”
🗨️ सुष्मिता: “सांस बहुत धीरे चल रही है।”
🗨️ राहुल: “जितनी दवा है सब दे दो।”
🗨️ सुष्मिता: “मुंह नहीं खुल रहा, पानी डाल सकती हूं, पर दवा नहीं दे पा रही, तुम आ जाओ, मिलकर कोशिश करते हैं।”
क्यों उठाया पत्नी ने इतना खतरनाक कदम?
पुलिस पूछताछ में सुष्मिता ने कबूल किया कि उसका पति करण शराब पीता था, उसे मारता था, और करवा चौथ से एक दिन पहले उसने उसे थप्पड़ मारा था।
कारण आए दिन पैसे भी मांगता था और मानसिक रूप से उसे परेशान करता था।
इन सब से तंग आकर, उसने राहुल से भावनात्मक रिश्ता बना लिया और दोनों ने मिलकर करण को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
कैसे हुआ पर्दाफाश?
मामला तब खुला जब मृतक के भाई को शक हुआ। पुलिस ने मोबाइल चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स निकाले।
डिजिटल सबूतों और फॉरेंसिक रिपोर्ट से यह साफ हो गया कि यह आत्महत्या नहीं, एक साजिशन हत्या थी।
आरोपी सुष्मिता और राहुल दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसका सबक क्या है?
- रिश्तों में संवाद का टूटना घातक नतीजे ला सकता है।
- अगर आप मानसिक उत्पीड़न झेल रहे हैं, तो कानूनी मदद लें, न कि हिंसा का रास्ता चुनें।
- सोशल मीडिया पर हो रही बातचीतें अब सबूत बनती हैं। सोच-समझकर बोलें और करें।
निष्कर्ष
ये मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, एक चेतावनी है —
“अगर रिश्ते में प्यार न बचे, तो दूरी बना लें, लेकिन हिंसा की तरफ न जाएं।”






