नजीबाबाद: महिला की मौत पर अस्पताल में हंगामा |

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नजीबाबाद: महिला की मौत के बाद अस्पताल पर हंगामा, परिजनों ने लगाया सड़क पर जाम

प्रकाशित तिथि: 20 जुलाई 2025
स्थान: नजीबाबाद, उत्तर प्रदेश
लेखक: सुभाष चौधरी

प्रसव के बाद महिला की मौत, अस्पताल पर लगा लापरवाही का आरोप

नजीबाबाद नगर स्थित सिटी अस्पताल (आरसीपुरम कॉलोनी के सामने) में एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने जबरदस्त हंगामा किया और सड़क पर जाम लगा दिया।

मृतका की पहचान शीतल, पत्नी मोहित निवासी ग्राम रजपुरा, नगीना देहात के रूप में हुई है। शीतल को तीन दिन पूर्व प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। लेकिन परिजनों के अनुसार, चिकित्सकों की लापरवाही के चलते उसकी हालत बिगड़ती गई और अंततः मौत हो गई।

बिना सूचना के गांव भेजा गया शव, भड़के परिजन

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने शीतल की मौत की सूचना दिए बिना ही उसका शव एम्बुलेंस में गांव भेज दिया। इस खबर के बाद गांव से भारी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

स्थिति को गंभीर होता देख सीएमओ मौके पर पहुंचे और तत्काल अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की गई।

स्टाफ फरार, नवजात की हालत भी खराब

हंगामा होते ही अस्पताल स्टाफ मौके से फरार हो गया। परिजनों का कहना है कि नवजात बच्ची की हालत भी ठीक नहीं है। उन्होंने पुलिस को तहरीर सौंप दी है, मामले की जांच जारी है।

बार-बार दोहराई जा रही घटनाएं, सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग

नजीबाबाद में ऐसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। दो दिन पहले भी हरिद्वार रोड स्थित ईवा हॉस्पिटल में एक जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। लेकिन समझौते के जरिए मामला शांत कर दिया गया।

चिकित्सा विभाग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इन प्राइवेट अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं होती?

कुछ समय के लिए सील करने के बाद ये अस्पताल फिर से खुल जाते हैं।

गरीबों की जान पर बन आई है

नगर में कई ऐसे अस्पताल हैं जहां गरीब तबके के लोगों को इलाज के नाम पर लापरवाही का शिकार होना पड़ता है।

और जब मौत होती है, तो पैसे और प्रभाव के दम पर समझौता करवा दिया जाता है।

#समाधान क्या है?

  • चिकित्सा विभाग को चाहिए कि वह स्थायी रूप से ऐसे अस्पतालों की जांच और निगरानी करे।
  • पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
  • गरीब मरीजों के लिए कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
  • जनता को चाहिए कि वे ऐसे अस्पतालों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करें।

 

DPP NEWS
Author: DPP NEWS

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